1 चम्मच ये चूर्ण, मोटापा करेगा दूर और जाने त्रिफला के अनोखे गुण || Triphala Health Benefits in Hindi

Go to content
1 चम्मच ये चूर्ण, मोटापा करेगा दूर और जाने त्रिफला के अनोखे गुण (Triphala Health Benefits in Hindi)

आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में हमें मोटापे की समस्या से जूझना पड़ता है।  भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपने आप को वक्त नहीं दे पाते ,और तला-भुना खाना खाते  है।  शराब पीना , शारीरिक श्रम कम करना, नींद कम लेना और अन्य बुरी आदतें हमारे रोज की जिंदगी के भाग बन चुके है । जेनेटिक कारणो और हार्मोनल परेशानियों के कारण भी पेट की चर्बी बढ़ सकती है।

मोटापा की समस्या को जितना जल्दी हो सके उतने जल्दी कम करना चाहिए क्योंकि इससे शरीर का वजन तो बढ़ता ही है ,साथ ही इसके कारण अन्य बीमारियाँ जैसे टाइप-2 मधुमेह , उच्च रक्तचाप, ह्रदय की बीमारियाँ आदि भी हो सकती हैं। मोटापा की समस्या  से लड़ने के लिए अपनी लाइफस्टाइल को हैल्थी बनाना बेहद जरुरी होता है।

त्रिफला चूर्ण ३ तरह की औषधि  यो से बनता है । बहैड़ा ,आवला,हरड़  इन  तिनके मिश्रण से बनता है त्रिफला चूर्ण। चूर्ण के लिए  5 ग्राम हरड़ ले रहै है तो 10 ग्राम बहैड़ा और 15 ग्राम आवंला लीजिये । चूर्ण को बनाने से पहले तीनों अवयव को धूप में सुखाकर चूर्ण बनाया जाता है। वैसे तो ये तीनों चीजें शरीर के लिए बहुत लाभदायक होते हैं , और त्रिफला आपको किसी  भी आयुर्वेदिक दुकानो मे मिलता है।   मगर त्रिफला के चूर्ण के फायदे अनेक है। त्रिफला  के सेवन से चर्म  रोग ,मूत्ररोग से सम्बंधित बीमारिया दूर करता है।  त्रिफला कब्ज़ से राहत दिलाता है, हाजमे की शक्ति को ठीक करता है, चयापचय  को बढ़ाता है,  शरीर टॉक्सिन को बाहर निकालता है। त्रिफला  के सेवन से कैंसर के सेल्स नहीं बढ़ते ।

त्रिफला के अनोखे गुण
सामग्री :
5 ग्राम त्रिफला चूर्ण
१  चम्मच शहद

विधि :
एक छोटा चम्मच (5 ग्राम) त्रिफला चूर्ण के मिश्रण में एक चम्मच शहद मिलाकर कुछ दिनों तक इसका सेवन नियमित रूप से करना चाहिए।

तो चलिए अब जानते है त्रिफला या  त्रिफला चूर्ण  के फायदे

त्रिफला सांस सम्‍बंधी समस्‍या को करे दूर :
त्रिफला का सेवन करनेसे सांस से जुड़े रोगों में लाभ प्रदान होता है। आपको सांस  लेने में दिक्कत होती है ,तो आप त्रिफला का सेवन कर होने वाली असुविधा से आराम मिल सकता है। त्रिफला का सेवन करनेसे फेफड़ों के संक्रमण में भी फायदा होता है। रोजाना त्रिफला का सेवन करने से  हमें सांस सम्‍बंधी रोगों में आराम मिलता है।

त्रिफला चूर्ण करे मोटापा दूर :
आप ज्यादा चर्बी या मोटापे से परेशान है, तो आप त्रिफला का सेवन करे। त्रिफला शरीर के अनच्याहे  वसा को काम करता है।  जो मोटापे को दूर करने में बहुत ही मददगार साबित होता है | त्रिफला मोटापे से सम्बंधित सारी समस्या से आराम दिलाता  है। मोटापे को कम करने के लिए त्रिफला चूर्ण का सेवन सुबह और शाम को करना चाहिए  |

डायबिटीज में उपयोगी  है त्रिफला चूर्ण:
डायबिटीज या शुगर के इलाज में त्रिफला बहुत प्रभावी औषधि होती है। त्रिफला चूर्ण का हाइपो-ग्लाइसेमिक प्रभाव शरीर में इंसुलिन के स्तर को कम नहीं होने देता है, और शर्करा के स्‍तर को संतुलित रखता है। इसलिए त्रिफला चूर्ण के सेवन को डायबिटीज के मरीजों के इलाज में काफी प्रभावी माना जाता है। रोज सुबह गुड के साथ त्रिफला चूर्ण का नित्य सेवन करने से आप डायबिटीज के रोग से निजात प्राप्त कर लेंगे |

त्रिफला चूर्ण प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए:
त्रिफला  मानव के बॉडी की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देता है, यदि आप दुर्बल और कमजोर है तो आपको  इसका कई साल तक नियमित रूप से सेवन करना चाहिए । इससे आपके सरीर में शक्ति का संचार होगा और आप तंदुरुस्त महसूस करेंगे। त्रिफला शरीर में एंटीबॉडी की मात्रा को बढ़ाता है, जो एंटीजन के खिलाफ लड़ता  है और शरीर को जीवाणुओं से मुक्त रखता है। रोजाना त्रिफला का सेवन करने से आपकी रोग प्रतिरोग क्षमता बढाती है।

त्रिफला  है एंटी- ऑक्‍सीडेंट:
त्रिफला में कई फाइटो केमिकल्स हैं, जो शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट और  प्रतिरोधक शक्ति वर्धक हैं। इन योग्यता के कारण, त्रिफला चूर्ण उम्र बढ़ने से रोकने में, त्वचा के स्वास्थ्य को बनाए रखने,सफ़ेद होने, बाल झड़ने और शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में प्रभावी है। त्रिफला के सेवन से उम्र बढ़ाने वाले कारक कम होते है, जिसके कारण आप उम्र से ज्‍यादा जवां दिखते हैं। त्‍वचा संबंधी समस्‍या होने पर त्रिफला काफी मददगार होता है।  इसके अलावा यह शरीर  में किसी प्रकार के इन्फेक्शन  होने से भी रोकता है।
त्रिफला का सेवन रोजाना करना चाहिए। क्योंकि इसमें एंटी- ऑक्‍सीडेंट के गुण मौजूद होते हैं, जो बढ़ती उम्र के असर को कम करता है और आपको उम्र के अनुसार ज्‍यादा जवां रखता है।
Trifla powders
रक्त शोधक है त्रिफला चूर्ण:
त्रिफला का चूर्ण पाचन के बाद बचे व्यर्थ पदार्थों को शरीर से बाहर निकालता है। जो लोग बार-बार बीमार पड़ते है उन्हैं इसका सेवन करना चाहिए। त्रिफला में रक्तशोधक (रक्त विकार को दूर करने वाली ) घटक  होते है जो त्‍वचा से जुड़े रोगों में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। त्रिफला, शरीर से विषैले पदार्थो को बाहर निकालकर  खून साफ करता है और त्‍वचा संबंधी समस्‍याओं से आराम दिलाता है। जो लोग बार-बार बीमार पड़ते है ,उन्हैं त्रिफला का रोजाना सेवन करना चाहिए।

पेट के रोगों में लाभदायक है त्रिफला चूर्ण:
त्रिफला अथवा त्रिफला चूर्ण एक आयुर्वेदिक हर्बल औषधि है। त्रिफला चूर्ण को गौमूत्र के साथ सेवन करने से  पेट दर्द जैसी कई  समस्याओं से छुटकारा मिलता है। यह कब्ज, वजन घटाने, पेट की चर्बी को कम करने, शरीर शोधन, अपच और पेट की समस्याओं में लाभ देता है। रोजाना त्रिफला का इस्तमाल करने से आपको पेटकी गंभीर समस्या से आराम मिलेगा।  

त्रिफला चूर्ण सिरदर्द में लाभदायक:
आज कल की भागदौड़ भरी जिन्दगी मे  सिरदर्द  की समस्या आम बात हो गयी  है।  त्रिफला या त्रिफला चूर्ण हमारी सिरदर्द की समस्या को दूर करने मे हमारी मदद करता है। त्रिफला, हल्दी, नीम की छाल, आदि को पानी में तब तक उबालें, जब तक पानी आधा न रह जाए। बाद में इस पानी को छानकर सुबह- शाम गुड़ या शक्कर के साथ सेवन करें। ऐसा करने से तनाव, अवसाद, सिरदर्द आदि की समस्याएं दूर हो जाती है।

कब्‍ज में कारगर  है त्रिफला चूर्ण:
त्रिफला चूर्ण आम घरेलू उपाय है।  इसमें बेहद ,आवला,हरड़  जैसी औषधि है  जो  कब्‍ज की पुरानी से पुरानी समस्‍या को  दूर करता  है। त्रिफला कब्ज वाले लोगों के लिए फायदेमंद है। रात को सोते समय त्रिफला चूर्ण को गर्म दूध या गर्म पानी के साथ खाने से कब्ज की परेशानी में आराम मिलता है।

त्रिफला चूर्ण आंखों की रोशनी बढ़ाए:
त्रिफला चूर्ण आंखों के लिए काफी लाभदायक है ,इससे आखे स्वस्त रहती है। त्रिफला का रोजाना सेवन करने से आंखों की रोशनी बढ़ती है। यह आंखों से जुड़ी सभी समस्याओं को दूर करता है। इसका उपयोग आंखों  के रोगों के लिए, दृष्टि में सुधार के लिए और चश्मे की आवश्यकता को कम करने के लिए भी किया जाता है। रात को एक गिलास पानी में एक चम्मच त्रिफला भिगोकर रखें और सुबह भिगोए हुए त्रिफला को मसल और छानकर आंखों को धोएं। ऐसा करने  से आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसके अलावा १ चमच त्रिफला चूर्ण को पानी में भिगो कर रखें और शाम को पानी छानकर पीएं।

त्रिफला चूर्ण करे मुंह की दुर्गन्‍ध दूर :
यदि  आप  मुंह के दुर्गन्‍ध से परेशान है तो आप त्रिफला का  इस्तेमाल कीजिये।  त्रिफला  मुंह के  दुर्गन्‍ध के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकता है।  १ गिलास ताजे पानी में १  चम्मच त्रिफला २  से ३  घंटे के लिए भिगोएं और बाद में इस पानी से अच्छी तरह कुल्ला करें, मुंह की दुर्गन्ध से छुटकारा अवश्य मिलेगा।

त्रिफला चूर्ण हीमोग्‍लोबिन बढ़ाए:
अगर आप एनीमिया से पीड़‍ित है ,तो आप को त्रिफला का सेवन करना चाइये।  त्रिफला  हीमोग्लोबिन को बढ़ता है।  नियमित रूप से त्रिफला का सेवन करने से शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं बढ़ती है जिससे शरीर में हीमोग्‍लोबिन बढ़ने लगता है। इससे आप एनीमिया जैसी परेशानी से आराम मिलता है।  रोजाना आपको त्रिफला का सेवन करना चाइये , त्रिफला का सेवन आपको ज्यादा समय के लिए करना चाइए, इससे एनीमिया से धीरे धीरे काफी राहत मिलती है।  

दातो को मजबूती प्रदान करता है त्रिफला चूर्ण :
त्रिफला  या त्रिफला चूर्ण हमारे दातो के लिए काफी असरदार है। त्रिफला के सेवन से आपकी दातो सम्बन्धी समस्याएं  दूर होती है।
त्रिफला को रातभर  पानी में  भिगो दे और सुबह-सुबह मंजन के बाद  उस पानीको  मुँह में  भरकर रखे।
थोड़ी देर बाद निकाल दे।  इससे आपके दाथ मजबूत और चमकदार बनेंगे।  और अगर आप त्रिफला चूर्ण से मंजन करते है, तो इससे भी आपके दात  मजबूत और चमकदार बन जाएंगे।

बालो पे असरदार है त्रिफला चूर्ण :
त्रिफला बालो को लाभ प्रदान करता है।  इसमें विटामिन  सी होने के कारण हमारे बाल  मजबूत और चमकदार होते है। आवला बालो  के लिए बहुत ही ज्यादा लाभ प्रदान करता है। त्रिफला चूर्ण में आवला होता है इसलिए त्रिफला चूर्ण बालो  के लिए अधिक लाभकारी होता है। त्रिफला से बाल काले  होने में भी मदद मिलती है।

सामग्री :
२ -३ ग्राम त्रिफला चूर्ण
थोडासा  पानी

विधि :
२ से ३ ग्राम त्रिफला चूर्ण लीजिये, और उसे पानी के साथ लुगदी बनालिजिये।
त्रिफला की लुगदी को  बालो मे लगाले।
आधे घंटे बाद बालो को धो लें।
ऐसा करने से हमारे बाल  मजबूत और काले हो जायेंगे। इससे बालोका झड़ना और असमय बालो का पकना  बंद हो जाता है।
Triphala powdered hemoglobin enhances
त्रिफला चूर्ण पाचन तंत्र को करे मजबूत :
त्रिफला चूर्ण हमारे पाचन शक्ति को बढ़ता है।  शरीर से गन्दगी को हटाता है,और पाचन शक्ति को बढ़ाता  है।
त्रिफला  मल  को निकाल ने में  मदद करता है। ये आम पाचक है और शरीर को आमदोषो से बचाता  है।
त्रिफला चूर्ण खाने के बाद पानी के साथ लेने से  पाचन क्रिया अछि होती है।

त्रिफला चूर्ण खाज खुजली और चर्म रोग से दे आराम :
त्रिफला चूर्ण हमारे सेहत पर अच्छा असर करता है। रोजाना त्रिफला का इसतमाल करने से हमें दाद ,खाज ,खुजली  और चर्म रोग से आराम देता है।
त्रिफला चूर्ण ५-५ ग्राम लेने से दाद ,खाज ,खुजली और चर्म  रोग से राहत  मिलती है।  

त्रिफला चूर्ण चक्कर आने की समस्या को दूर करता है :
त्रिफला चूर्ण चक्कर आने  की समस्या से राहत  दिलाता है। त्रिफला चूर्ण हमारे सेहत के लिए लाभदायी  है।  
2 ग्राम त्रिफला चूर्ण को 1 चम्मच शहद के साथ लेने से चक्कर कम करने के लिए फायदेमंद है।

दृष्टि और मोतियाबिंद के लिए त्रिफला असरदार :
त्रिफला में मोतियाबिंदु को काम करने की क्षमता है। आयुर्वेद मे बताया गया है की त्रिफला मे मोतियाबिंद और अन्य आंखों के रोगों को ख़तम करने की क्षमता है। रात को एक गिलास पानी में एक चम्मच त्रिफला भिगोकर रखें और सुबह भिगोए हुए त्रिफला को मसल और छानकर आंखों को धोएं। ऐसा करने  से आंखों की रोशनी बढ़ती है। इसके अलावा १ चमच त्रिफला चूर्ण को पानी में भिगो कर रखें और शाम को पानी छानकर पीएं।


टिप :
1.  त्रिफला की तासीर गर्म और खुश्क होती है इसलिए गर्भवती महिलाओ को त्रिफला का सेवन नहीं करना चाहिए।
२.  त्रिफलाकि अधिक मात्रा के सेवन से  डायरिया हो सकता है।
३.  त्रिफला का अत्यधिक सेवन करनेसे  अधिकतर लोगोको  अनिद्रा की परिशानी से गुजरना पड़ता है।
४.  त्रिफला के अधिक सेवन से दस्त की शिकायत हो सकती है ।
Triphala powders beneficial in stomach
त्रिफला चूर्ण  मेडिकल में आसानीसे उपलब्ध होता है।  आप चाहते है इसे  बनाना ,तो इसकी सामग्री हमें आसानीसे मिलती है।  आप त्रिफला चूर्ण का इस्तमाल करे और तंदुरुस्त रहे। अगर आपके पास त्रिफला या त्रिफला चर्ण सम्बंधित अधिक जानकारी  है तो हमें लिखिए।  अगर हमारी दी गयी जानकारी आपको पसंद आइ हो तो आप इसको लाइक  करे और शेयर करे। धन्यवाद !
Related Articles
Sitemap
Copyright © 2015-2018 My Daily Health Tips
Back to content